पटाखों का धुआं या चिंगारी कई बार आंख में जाकर जलन और कभी-कभी स्थाई क्षति भी कर सकती है। अगर आंखों में पटाखे का धुआं या बारूद चला जाए, तो आंखों को मलने के बजाय तुरंत ठंडे साफ पानी से धोएं. मलने से कॉर्निया को नुकसान हो सकता है। यह बातें चिकित्सा अधीक्षक भीतरगांव डॉक्टर मनीष प्रकाश तिवारी ने कहीं। उन्होंने बताया दिवाली खुशियों में पटाखे छुड़ाने के दौरान अक्सर कोई झुलस जाए है, तो वह बिना समय गंवाए भीतरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आकर इलाज कराए। यहां पर आकस्मिक चिकित्सीय टीम हमेशा उपलब्ध मिलेगी। मरीजों के लिए पांच बेड आरक्षित किए गए हैं।