डॉ. शाहीन और डॉ. आरिफ दोनों का मेडिकल कॉलेज से जुड़ाव होने के कारण, अब एटीएस, एनआईए और आईबी जैसी जांच एजेंसियों की निगाहें कानपुर से लेकर दिल्ली तक के मेडिकल नेटवर्क पर टिक गई हैं। अफवाह है कि दो से तीन अन्य रेजीडेंट डॉक्टरों को भी पूछताछ के लिए उठाया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।