गुरुवार सुबह भीतरगांव-नौरंगा मार्ग के उमरी गांव में बेजुबानों और इंसानियत के बीच निश्छल प्यारा और दिल को छू लेने वाला दृश्य दिखा। उमरी गांव में आधा सैकड़ा बतखों का झुंड पूरे गांव में भ्रमण करता रहता है। गलियों में घूमते बतखों के झुंड को छोटे-छोटे बच्चे दाना खिलाते रहते हैं, लेकिन बातों का झुंड उन बच्चों को एक भी नुकसान नहीं पहुंचाता। न ही गांव के आवारा कुत्ते बतखों के झुंड पर हमला करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि बतखों का बच्चों के प्रति प्रेम और उनके प्रति स्नेह ही बतखों का गांव से खूबसूरत रिश्ता पहचान बना है। वास्तव में यह दृश्य जीवन में बेजुबानों से जुड़ाव और निश्छल मासूमियत प्रेम को दर्शाता है।