गायकी में आवाज की रुमानियत और सूफियाना अंदाज की बॉलीवुड को जरूरत है। मेरी सफलता में इसी सूफियाना अंदाज की झलक का योगदान है। हालांकि इंडियन आइडल बनने की मेरी ये सफलता रातों-रात में हासिल नहीं हुई। इसके लिए कई सालों की संगीत की साधना और सुरों का रियाज है। वो रियाज, जिसे मैं अपनी हर असफलता के बाद बढ़ाता चला गया। गीत -संगीत की दुनिया में कुछ कर दिखाने का यही जूनून मेरी सफलता का कारण बना। ये कहना है, इंडियन ऑइडल 14 के विजेता वैभव गुप्ता का, जो मंगलवार शाम अपने पिता विष्णु गुप्ता के साथ फजलगंज स्थित अमर उजाला के कार्यालय आए थे।