धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम के आसपास फैली गंदगी ने स्थानीय प्रशासन की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पंचायत की लापरवाही के चलते आश्रम परिसर के निकट बड़े-बड़े कूड़े के ढेर जमा हैं, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वाल्मीकि आश्रम को वह पावन स्थल माना जाता है जहां महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी। यही कारण है कि देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस स्थल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन आश्रम के समीप फैली गंदगी और कूड़े के ढेर स्थल की गरिमा को प्रभावित कर रहे हैं। पर्यटकों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल पर स्वच्छता की उचित व्यवस्था न होना बेहद निराशाजनक है। गंदगी के कारण न केवल पर्यटन अनुभव खराब हो रहा है बल्कि नगर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।