बारिश के साथ ही गर्भवती में त्वचा संबंधी शिकायतें बढ़ रही हैं। हैलट और डफरिन अस्पताल में हर रोज खुजली, जलन और फंगल से परेशान 50 से ज्यादा महिलाएं उपचार के लिए आ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है, जिससे वह संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसके अलावा यूरीन इंफेक्शन, डिहाइड्रेशन की मरीज भी अस्पताल आ रही हैं। इसमें गंभीर रोगियों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। हैलट जच्चा-बच्चा अस्पताल की विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि योनि में फंगल इंफेक्शन सबसे आम समस्याओं में से एक है। नमी और गर्मी के कारण फंगस पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है, जिससे खुजली और सफेद स्राव जैसी शिकायतें होती हैं। दूसरा शरीर के विभिन्न हिस्सों पर, खासकर जोड़ों और त्वचा की परतों के बीच, फंगल इंफेक्शन हो सकता है, जिससे खुजली और लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। लगातार गीले रहने या नमी के संपर्क में आने से पैरों और नाखूनों में भी फंगल इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें, रोज नहाएं और हल्के ग्लिसरीन साबुन का प्रयोग करें, गीले या नम कपड़े न पहनें, हमेशा साफ और सूखे खासकर अंडरगारमेंट्स पहनें। अगर खुजली हो रही है तो खुजलाने से बचें, क्योंकि इससे संक्रमण और बढ़ सकता है। संतुलित और पोषक आहार लें। जरूरी बात ये है कि गर्भवती महिलाएं अगर फंगल इंफेक्शन हो रहा है तो खुद से इलाज करने से बचें। तुरंत डॉक्टर को ही दिखाएं। डफरिन अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचि जैन ने बताया कि अस्पताल में बारिश के चलते फंगल इंफेक्शन और खुजली लाली के रोगी आ रहे हैं। इस मौसम में ऐसे रोगी बढ़ जाते हैं। महिलाएं साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।