बांस का मानव जीवन के साथ अटूट रिश्ता है। जीवन भर विभिन्न कामों में आने वाला बांस हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के दौरान भी सहारा देता है। शहर की वायु गुणवत्ता सुधार में भी बांस महती भूमिका निभा रहा है। बांस अन्य पेड़ों की तुलना में लगभग 35 फीसदी अधिक ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है और प्रति हेक्टेयर लगभग 12 टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर सकता है। इसलिए राज्य वन अनुसंधान संस्थान ने शहर के विभिन्न हिस्सों में एक लाख पौधे रोपित करने शुरू कर दिए हैं। बीते दिनों ही वायु गुणवत्ता सुधार के लिए शहर को पांचवां स्थान मिला है।