वित्तीय वर्ष 2026-27 के एडवांस टैक्स की पहली किस्त 15 जून तक जमा करनी होगी। ऐसा न करने की स्थिति में पेनाल्टी लगेगी। वहीं व्यक्तिगत, एचयूएफ, साझेदारी फर्म और एलएलपी के आयकर रिटर्न 31 जुलाई तक दाखिल करने होंगे। मर्चेंट चैंबर आफ उत्तर प्रदेश की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 का एडवांस टैक्स आयकर कानून 2025 के तहत कर निर्धारण वर्ष भी 2026-27 ही निर्धारित किया गया है। सभी करयोग्य आय एडवांस टैक्स जमा कराने के दायरे में है। चालू वित्तीय वर्ष में अनुमानित करयोग्य आय पर आयकर की देनदारी 10 हजार या इससे अधिक होने पर एडवांस टैक्स जमा करना होता है।10 हजार की इस देनदारी की गणना में टीडीएस और टीसीएस घटाने के बाद ही 10 हजार की सीमा का निर्धारण होगा। 60 वर्ष से अधिक के वरिष्ठ नागरिक एडवांंस टैक्स जमा करने के दायरे से मुक्त हैं। हालांकि शर्त यह है कि ऐसे वरिष्ठ नागरिक को कारोबार या पेशे से कोई आमदनी न हो। अन्यथा उन्हें भी नियमानुसार एडवांस टैक्स जमा करना होगा। टैक्स ऑडिट के दायरे में सभी कंपनियों को यह टैक्स ऑनलाइन जमा करना होगा। शेष अन्य करदाता बैंकों में चालान के माध्यम से भी जमा कर सकते हैं। निर्धारित किस्त समय से पूरी न जमा करने पर आयकर कानून के तहत किस्तों की निर्धारित राशि से कम राशि पर ब्याज एक फीसदी हर महीने अदा करना होगा। उन्होंने बताया कि टैक्स ऑडिट के दायरे में न आने वाले व्यक्तिगत, हिंदू संयुक्त परिवार (एचयूएफ), साझेदारी फर्म, एलएलपी (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप) हैसियत के करदाताओं को अपने आयकर रिटर्न 31 जुलाई 2026 तक निर्धारित आयकर रिटर्न फार्म में ऑनलाइन आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर दाखिल करना होगा। अपने विवरण अपलोड करने होंगे। खेती से आमदनी पांच लाख तक होने पर इस आयकर रिटर्न फार्म में विवरण दाखिल होंगे।