ग्रहण का साया हटते ही आसमान का नजारा पूरी तरह बदल गया है। जैसे-जैसे पृथ्वी की छाया चंद्रमा के मुख से पीछे हटी, चांद एक नए निखार के साथ उभर कर सामने आया। अंधेरे के उस पड़ाव के बाद भीतरगांव इलाके से अब आसमान में चांद बिल्कुल साफ और स्वच्छ नजर आ रहा है। उसकी धवल चांदनी चारों ओर इस कदर बिखरी है मानो प्रकृति ने आकाश को धोकर रेशमी रोशनी से सराबोर कर दिया हो। ग्रहण के बाद की यह निर्मल चमक न केवल आंखों को सुकून दे रही है, बल्कि रात की खामोशी में एक नई ताजगी भर रही है।