चिलचिलाती धूप और लगातार बढ़ती गर्मी ने भीतरगांव ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों और आसपास के जंगलों में जल संकट को गंभीर बना दिया है। क्षेत्र के अधिकांश तालाब, जलाशय और प्राकृतिक जल स्रोत सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे वन्य जीवों के सामने पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। जंगलों में पानी के स्रोत समाप्त होने के कारण नीलगाय, बंदर और अन्य वन्य जीव प्यास बुझाने के लिए अब आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में वन्य जीवों की गांवों और खेतों के आसपास आवाजाही बढ़ी है, जिससे लोगों में चिंता भी बढ़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण जंगलों की स्थिति लगातार खराब हो रही है और जल स्रोतों की कमी वन्यजीवों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। पानी की तलाश में जानवर लंबी दूरी तय कर रहे हैं, जिससे वे कई बार मानव बस्तियों तक पहुंच जाते हैं।