छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के सभागार में रविवार को गुलाबबाड़ी होली उत्सव मनाया गया। यह आयोजन संगीतांजलि सांस्कृतिक संस्था और इनरव्हील क्लब कानपुर मेन की ओर से किया गया। उत्सव में पारंपरिक बनारसी परंपरा गुलाबबाड़ी का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत यति संकल्प संस्थान की नीतू सिंह और प्रो. वंदना पाठक ने दीप प्रज्वलित कर की। संयुक्त सचिव कविता सिंह व उनकी शिष्याओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। संस्था अध्यक्ष डॉ. रोचना बिश्नोई ने बताया कि यह आयोजन बनारस की प्राचीन परंपरा का प्रतीक है। परंपरा की शुरुआत 17वीं शताब्दी में अवध के नवाब ने की थी। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने राग मिश्र में होली मैं खेलूंगी श्याम से डांट के जैसे गीत गाए। उन्होंने दादरा, ठुमरी और चैती की पारंपरिक शैलियों में भी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनके साथ बनारस के कलाकारों ने तबला, हारमोनियम, सिंथेसाइजर, सारंगी और ढोलक पर संगत की। गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा और गुलाब जल के छिड़काव से पूरा माहौल सुगंधित हो उठा। इस अवसर पर समाजसेवी महिलाओं नीतू शोभा अग्निहोत्री, डॉ. मनीषा अग्रवाल और मनीषा बाजपेई को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। यहां एमएलसी सलिल विश्नोई, प्रो. इंद्रमोहन रोहतगी, डॉ. अंगद सिंह, डॉ. आदर्श त्रिपाठी, राजकुमार सिंह, अवनीश राज, दिवाकर निगम, डॉ. अरविंद श्रीवास्तव, डॉ. रीता वर्मा, डॉ. संजीव कटियार आदि मौजूद रहे।