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कानपुर: बरईगढ़ झील के पुनर्जीवन को आगे आएंगे उद्योग, सीडीओ ने मांगा सहयोग

प्रसून शुक्ला Updated Sat, 30 May 2026 10:06 PM IST

भीतरगांव ब्लॉक स्थित ऐतिहासिक बरईगढ़ झील को पुनर्जीवित करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जैन के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम ने झील का निरीक्षण किया। इस दौरान नेयवेली पावर प्लांट और डिफेंस कॉरिडोर के अधिकारियों से भी झील के पुनर्जीवन में सहयोग का आग्रह किया गया। सरकारी अभिलेखों के अनुसार बरईगढ़ झील करीब 1.2 किलोमीटर लंबी और 83 बीघा क्षेत्रफल में फैली हुई है। वर्तमान में झील पूरी तरह सूख चुकी है, जिससे आसपास के बरईगढ़, रातेपुर, असवानगर, छतेरुवा और ढूहरपुर गांवों के करीब 3,000 किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा हजारों मवेशियों और सर्दियों में आने वाले प्रवासी पक्षियों पर भी इसका असर पड़ा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने झील की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और इसके पुनर्जीवन के लिए आवश्यक कार्यों पर चर्चा की। प्रारंभिक आकलन के अनुसार झील को पुराने स्वरूप में वापस लाने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

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