बिठूर महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से गंगा तट पर समां बांध दिया। हास्य, वीर रस और श्रृंगार की कविताओं ने देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध रखा।
23 September 2026
207 d ago
208 d ago