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अनूप शुक्ला बोले- नोट और वोट देने के बाद भी राजनीतिक दलों की उपेक्षा का शिकार है व्यापारी

प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल की ओर से गुरूवार को मर्चेंट चैंबर सभागार में व्यापारी महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश भर के व्यापारी जुटे। व्यापारियों ने कहा कि आज समाज में व्यापारी 30 प्रतिशत से ज्यादा हैं लेकिन व्यापारी नोट और वोट देने के बाद भी अपने आप को ठगा महसूस करता है। व्यापारी राजनीतिक दलों की उपेक्षा का शिकार है। इस दौरान व्यापारियों ने राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग उठाई। कहा कि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनावों में व्यापारी जिसके साथ होगा, उसको ही सत्ता मिलेगी। विदेशी कंपनियों के ऑनलाइन कारोबार से रिटेल व्यापार को बचाने की बात रखी गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप शुक्ला ने कहा देश के प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री कहते हैं कि जीएसटी का कलेक्शन सर्वाधिक हो रहा है। देश में यह जीएसटी का कलेक्शन करने वाला कौन है। निश्चित रूप से व्यापारी ही जीएसटी कलेक्शन कर के सरकार को दे रहा है। लेकिन व्यापारी के हिस्सेदारी शून्य के समान है। सभी राजनीतिक दलों से कहना है जब नोट और वोट व्यापारी देगा तो उसकी राजनीतिक हिस्सेदारी क्या होनी चाहिए। इस बात पर गंभीर मंथन करने की आवश्यकता है। आगामी जिला पंचायत चुनाव और आगामी 2027 के चुनाव में व्यापारी के अहम भूमिका होगी। जिसके साथ व्यापारी होगा। उसी की सरकार बनेगी। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को यह सोचना होगा की विधानसभा में व्यापारी संख्या के अनुसार व्यापारी को मौका मिले। उन्होंने कहा कि एक तरफ व्यापारी ऑनलाइन शॉपिंग से उसका व्यापार बंद होने की कगार पर है। दूसरी तरफ फूड विभाग एवं अन्य विभाग के अधिकारी व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं। सम्मेलन में व्यापारियों ने तय किया है कि मांगों का एक मांग पत्र तैयार कर उत्तर प्रदेश के सभी जिला आधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। प्रदेश के व्यापारी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों को उनके समक्ष रखकर उन्हें पूर्ण करने की मांग करेगा। इस मौके पर बृजेंद्र गुप्ता, जेपी यादव, रामकुमार गुप्ता, अमरेंद्र पांडेय, सुधीर गुप्ता, सुमन मिश्रा, बदरुद्दीन अहमद, सज्जन लाल गुप्ता, डॉ. पीसी गुप्ता, विनीत पांडेय, बृजकिशोर यादव, श्याम गुप्ता, राम शंकर गुप्ता आदि थे।

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