हर पल कुछ बुरा न हो जाए, ऐसी चिंता मन में भय पैदा करती हैं। बुराई चित्त में है तो बाहर सब बुरा ही होगा। एकदम मस्त होकर जियाे। यह विचार गुरुवार को आनंदमूर्ति गुरु मां ने व्यक्त किए। वह मोतीझील लॉन में ऋषि चैतन्य विजन की ओर से आयोजित चार दिवसीय भक्ति योग व ज्ञान की अमृत वर्षा कार्यक्रम में बोल रही थीं। अमृत वर्षा का आयोजन 11 वर्ष बाद कानपुर में हो रहा है। पहले दिन महापौर प्रमिला पांडेय ने आनंदमूर्ति गुरु मां का अभिनंदन किया। गुरु मां ने प्रसाद स्वरूप उन्हें श्रीमद्भागवत की प्रति दी। गुरु मां ने शहर में हो रहे विकास की भी सराहना की। कहा कि शहर का बदलता परिवेश प्रशंसा के योग्य है। बाद में उन्होंने प्रणव के उच्चारण से प्रवचन की शुरुआत की।