भारतीय रिज़र्व बैंक के हर पेमेंट डिजिटल अभियान के तहत डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह का आयोजन भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के प्रशासनिक कार्यालय कानपुर सभागार में सोमवार को किया गया। इसकी थीम सुरक्षित डिजिटल भुगतान है। जिसमें थोड़ा ध्यान से संदेश रखी गई थी। इस दौरान बैंक अफसरों ने बताया कि सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में एक साल में 22 हजार करोड़ का डिजिटल फ्रॉड हुआ है। जिसमें लुभावने वादों में फंसकर 77 फीसदी लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई गंवाई। ये वो मामले हैं जो सामने आए हैं। डिजिटल युग में सावधानी के साथ काम करना चाहिए। लालच में आकर कोई भी वित्तीय या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। वित्तीय सेवा के बारे में गूगल से कुछ भी नहीं पूछना चाहिए। डिजिटल अरेस्ट कानून कुछ भी नहीं होता है। कभी भी कुछ ऐसा हो तो सबसे पहले अपने परिवार, दोस्त या पुलिस को बताएं। मुख्य अतिथि, क्षेत्रीय निदेशक, आरबीआई राजीव द्विवेदी ने प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि कैसे छोटी-छोटी चूक से लोग फ्रॉड करने वालों के चंगुल में फंस जाते हैं। उन्होंने एक तस्वीर दिखाकर उदाहरण दिया कि कैसे सोने का हिरन दिखाकर सीता जी इसे लाने के लिए राम-लक्ष्मण को वन में भेजती हैं। और लक्ष्मण रेखा लांघ जाती हैं और रावण उनका हरण कर लेता है।