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Kanpur: SIT के सामने महाठग का खुलासा, Sonu Sood से था 1.5 करोड़ का करार | UP News

Video Updated Wed, 10 Dec 2025 10:49 AM IST


कानपुर में महाठग रवींद्रनाथ सोनी ने एसआईटी के सामने राज उगले हैं। उसने बताया कि उसका सोनू सूद से डेढ़ करोड़ रुपये में करार हुआ था। खली को केवल प्रमोशन के लिए बुलाया था। उनसे किसी तरह का कोई करार नहीं हुआ था। इसके साथ ही चार पार्टनर के नाम भी बताए हैं। यह बिहार, गुजरात और चेन्नई के रहने वाले हैं। पुलिस उन्हें नोटिस जारी करेगी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को 33 खातों के बारे में पता चला है। इनमें ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, रवींद्रनाथ सोनी का पीड़ितों से उसका सामना कराया गया तो उसने कुछ जानकारियां दी हैं। उसका कहना है कि ब्लू चिप कंपनी में बिहार का विभाष त्रिवेदी, गुजरात का मोहन व हितेश और चेन्नई का सूरज पार्टनर थे। सूरज कुछ दिन पहले ही पुलिस अधिकारियों से मिलकर गया है। उसने किसी तरह की जानकारी नहीं दी थी। अब पूछताछ में सोनी ने उसके बारे में बहुत कुछ बताया है। एसआईटी सभी की डिटेल खंगाल रही है। एसआईटी अधिकारियों के मुताबिक, रवींद्रनाथ सोनी ने दिल्ली से बीकॉम और आईआईपीएम से एमबीए किया। पिता रक्षा मंत्रालय में सेक्शन ऑफिसर थे जबकि छोटा भाई राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डॉक्टर है। बहन मालवीयनगर में रहती है। रवींद्रनाथ सोनी को पहली नौकरी एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में मिली। फिर हैदराबाद की कंपनी में सेल्स मार्केटिंग का कार्य किया।

यहां के बाद दुबई के रैक बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर रहा। यहां दस हजार दिरहम के साथ अन्य सुविधाएं भी मिलीं। एक साल बाद वहां की एक इंश्योरेंस कंपनी में कार्य किया। वेतन 30 से 40 हजार दिरहम पहुंच गया। उसकी दोस्ती बैंक और इंश्योरेंस सेक्टर के लोगों से हो गई। उसने फॉरेन एक्सचेंज की कंपनी में नौकरी की। इसके बाद खुद की कंपनी बनाने की योजना बनाई।

सेल्स मैनेजर, चैनल पार्टनर और अन्य लोगों को शामिल किया। पहली कंपनी मॉरिशस में बनाई। इसके बाद दुबई में उसका बड़ा सेंटर तैयार किया। इस सेंटर में नेताओं, अभिनेता और खिलाड़ियों को आमंत्रित किया। यह भव्य आयोजन था जिसकी वजह से काफी संख्या में लोग ब्लू चिप कंपनी से जुड़ते चले गए। एसआईटी अधिकारियों के मुताबिक रवींद्रनाथ सोनी ने चारों पार्टनर का इसी कंपनी में जिक्र किया है।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि रवींद्रनाथ सोनी देहरादून में फूड प्रोसेसिंग का कार्य करने जा रहा था। उसने यहां पर भी कई लोगों को जुटा लिया था। देहरादून, दिल्ली और एनसीआर के कई लोग उसके संपर्क में थे। उससे जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी और उसके लेनदेन वाले 33 खातों का पता चला है। इन खातों को कौन कौन संचालित कर रहा था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

पूछताछ में उसने बताया है कि उसके पास केवल 300 निवेशक थे, जिन्होंने 80 से 90 करोड़ रुपये लगाए थे। यह रकम ईक्विटी और शेयर मार्केट में लगाई गई थी। पुलिस अधिकारियों ने महाठग से अमेरिका में रहने वाली गुरमीत के बारे में पूछताछ की। पुलिस को उस महिला के महाठग के बैंक खातों को संचालित करने की जानकारी हुई है। पुलिस ने परिवार की डिटेल हासिल की। महिला मित्र और बेटी के संबंध में सवाल जवाब किए।

एसआईटी ने सोनी का सामना कुछ पीड़ितों से कराया जिसपर उन लोगों ने उसे जमकर खरी खोटी सुनाई। इस दौरान सोनी हाथ जोड़े खड़ा रहा। दुबई के कपड़ा कारोबारी अबरार सिद्दीकी ने कहा कि दुबई में पैर छुआ करते थे अब पांच करोड़ रुपये हड़पकर भूल गए। सोनी ने तुरंत उनके पैर छुए और माफी मांगी। महाठग ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। देहरादून में कचौड़ी और खस्ते की दुकान लगाकर परिवार पाल रहा था। पहली पत्नी को 25 लाख रुपये नकद और गुरुग्राम में 90 लाख रुपये का फ्लैट दिया है।
 

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