छठ पर्व को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने मधुर गीतों से स्टेशन परिसर को भक्तिमय और सांस्कृतिक माहौल से भर दिया है। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर गीत सुनाई दे रहा है। “केलवा के पात पर उगेलन सुरुजदेव, कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए, मंगीला हम वरदान हे गंगा मइया...” छठ पर्व लोक आस्था का ऐसा उत्सव है जो लोकगीतों के बिना अधूरा माना जाता है। महिलाएं समूह में छठ मइया के गीत गाते हुए घाटों की ओर जाती हैं और सूर्यदेव तथा छठी मइया से अपने परिवार और समाज की समृद्धि की कामना करती हैं। इस बार झांसी मंडल के रेलवे स्टेशनों पर इन लोकधुनों की गूंज ने यात्रियों को घर की मिट्टी की खुशबू और अपनी संस्कृति की आत्मीयता का अनुभव करा रहा है।