मऊरानीपुर। नवीन गल्ला मंडी स्थित राजकीय गेहूं क्रय केंद्रों पर इन दिनों अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। सरकारी दावों के उलट, धरातल पर किसान बदहाली के आंसू रो रहा है। यह आरोप किसानों ने लगाया है। कृषकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बारदाने की कमी के चलते गेहूं की तुलाई ठप पड़ी है, जिससे आक्रोशित किसान खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को विवश हैं। किसानों ने बताया कि मंडी में हालात इतने बदतर हैं कि किसान दो-तीन दिनों से गेहूं से भरे ट्रैक्टर लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही मच्छरों के प्रकोप और गर्मी के बीच किसान ट्रैक्टरों पर ही मच्छरदानी लगाकर रात काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें केवल बारदाने की कमी बताकर टाल दिया जाता है। वहीं, बदलते मौसम ने उनकी धड़कनें बढ़ा दी हैं। रात में चली आंधी और बारिश के चलते खुले में रखा किसानों का हजारों क्विंटल गेहूं भीगने की कगार पर है, जिससे मेहनत पर पानी फिरने का डर सता रहा है। वहीं, जिले के कुछ जिम्मेदारों का कहना है कि सभी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं और खरीद सुचारू रूप से जारी है, लेकिन कृषकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि स्थिति कुछ इससे अलग है। मंडी में मौजूद किसानों ने आरोप लगाया कि रसूखदार और खास पहचान वाले कृषकों के गेहूं की तुलाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। साधारण किसान लाइनों में लगे हैं।