नगर निगम में सोमवार को हुई सदन की बैठक में महानगर पेयजल योजना को लेकर पार्षदों के निशाने पर जल निगम और जल संस्थान के अफसर रहे। पाइप लाइन डालने में भ्रष्टाचार होने से लेकर पार्षदों ने अफसरों पर कागजों में ही पानी पहुंचाने का आरोप लगाया। जनप्रतिनिधियों ने भी अफसरों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2022 की योजना 2026 तक पूरी नहीं हुई है। करीब चार महीने बाद सोमवार को हुई नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक तय समय से 20 मिनट देरी से शुरू हुई। सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि वार्डों के जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं डली है, उसे लिखकर दें। जब योजना पूर्ण हो जाएगी तो फिर पाइपलाइन डलवाने में परेशानी होगी। विधायक के इतना बोलते ही पार्षद जल निगम और जल संस्थान के अफसरों को घेरने लगे।