जौनपुर जिले में बस और ट्रेलर की टक्कर में हुए हादसे के बाद सुरक्षित बचे श्रद्धालुओं को पुलिस लाइन के बहुद्देशीय हॉल में रोका गया था। जिला अस्पताल जाने के बाद जिलाधिकारी दिनेश चंद पुलिस लाइन भी पहुंचे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के छत्तीसगढ़ उनके जिले तक पहुंचाने के लिए बस की व्यवस्था कराई। लेकिन जो बस आई उसके ब्रेक में दिक्कत थी। इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी यात्रियों को उसमें से उतार दिया और एआरटीओ पर जमकर भड़के। डीएम का तेवर देख तत्काल दूसरी बस की व्यवस्था कराई गई। दूसरी बस जब आई तो उसका टायर खराब निकला। फिर क्या था डीएम का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। फोन निकाला और आरटीओ को जमकर सुना डाला। डीएम टेलीफोनिक वार्ता में एआरटीओ को सख्त लहजे में बस की व्यवस्था करने को बोले। इसके बाद तीसरी बस की व्यवस्था हुई और उसके बाद सभी यात्रियों को छत्तीसगढ़ भेजा गया। वहीं पहली और दूसरी बस को 15 दिन के लिए सीज करने का आदेश दे दिया। डीएम ने सुरक्षित श्रद्धालुओं को आश्वासन दिया कि प्रशासन हर संभव मदद करेगा। भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी कराई। लगभग 39 श्रद्धालुओं को दूसरी बस से उनके जिले के लिए पुलिसकर्मियों की निगरानी में रवाना किया गया।