गांव बुढ़ाइच निवासी राजकुमार ने अपने 92 वर्षीय पिता पोतीराम और 85 वर्षीय माता अमान देवी को कांवड़ में बैठाकर बदायूं के कछला गंगा घाट से यात्रा शुरू की। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे वह अपने गांव पहुंचे। इस यात्रा में राजकुमार की पत्नी विमलेश व 13 वर्षीय बेटे निशांत के साथ पोतीराम के बड़े बेटे वीरेंद्र कुमार के बेटे योगेश कुमार व उनकी पत्नी यशवती देवी, जितेंद्र कुमार व उनकी पत्नी गीता देवी भी शामिल थीं। यह परिवार बारी-बारी से श्रवण कांवड़ को कंधे पर उठाकर हर-हर महादेव के जयकारों के साथ प्रतिदिन लगभग 20 किलोमीटर की यात्रा करते हुए गांव पहुंचा। पोतीराम और अमान देवी ने बताया कि यह यात्रा उनके बुजुर्ग दादा-दादी की मनोकामना पूरी करने के लिए है। कछला गंगा घाट से 16 जुलाई को गंगाजल लेकर ये सभी गांव के लिए रवाना हुए थे। अमान देवी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आज मेरा सपना पूरा हो गया। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मेरे पुत्र, पुत्रवधू और पोते मुझे व मेरे पति को कांवड़ से यात्रा कराके लाए हैं।