हरदोई में प्रेमी के साथ गई महिला सोनी को पुलिस ने रविवार दोपहर खोज लिया। पति अनूप उसे फिर से साथ रखने के लिए राजी था। यही वजह थी कि रविवार देर शाम अनूप अपनी बहन और भाई समेत कई रिश्तेदारों के साथ सोनी को मनाने थाने गया था।
सोमवार सुबह भी अनूप अपने बेटे और भाई के साथ थाने गया था। यहां उसने सोनी से साथ ही रहने के लिए कहा। इस दौरान सोनी उसकी तरफ पीठ करके खड़ी हो गई। इस पर तमतमाए अनूप ने सोनी की पीठ में ही तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी।सोमवार सुबह पाली थाने में हुई घटना की असली वजह अब तक यही सामने आई है। पाली थाने के गेट पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है। अनूप अपने भाई और बेटे के साथ सोमवार को थाने तो पहुंचा लेकिन गेट से नहीं आया। दरअसल थाना परिसर में जाने के लिए पंतवारी देवी मंदिर के पीछे स्थित बड़ी फील्ड के पास से ही एक रास्ता है। यह रास्ता सीधे थाना परिसर के अंदर जाता है।इसी रास्ते से अनूप अपने बेटे और भाई के साथ मौके पर गया था। इसके बाद जो घटना हुई उससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई। पीठ में गोली लगने के बाद सोनी कुछ देर तक खड़ी रही और फिर अचानक बेहोश होकर गिर गई। जब घटना हुई तो अनूप से कुछ कदमों की दूरी पर बेटा और भाई खड़े थे। इन लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि ऐसा कुछ हो जाएगा।
इसकी वजह यह थी कि सोनी के मिल जाने के बाद वह सभी से उसे वापस घर बुलाने की बात ही कह रहा था। सोमवार को हुई घटना के बाद सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायन, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तण्ड प्रकाश सिंह और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
अनूप ने बताया कि उसके साढ़ू ओमपाल शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के बक्तावरगंज के रहने वाले हैं। अनूप की पत्नी सोनी को ले जाने वाला सुरजीत भी इसी गांव का है। दरअसल ओमपाल और सुरजीत गुरुग्राम के भांगरटोला में प्लास्टिक दाना बनाने वाली एक फैक्टरी में काम करते हैं। एक साल पहले अनूप भी पत्नी सोनी को लेकर गुरुग्राम गया था। उसी फैक्टरी में काम करने लगा था।
सोनी 20 दिन गुरुग्राम में रहने के बाद वापस गांव आ गई थी लेकिन इसी बीच उसकी नजदीकियां सुरजीत से हो गई थीं। सात जनवरी को सोनी के सुरजीत के साथ चले जाने की जानकारी पर वह उसी रात गांव आया था। पुलिस में शिकायत की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर रविवार को सोनी को खोज लिया था।
सोनी का मायका बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के बुढैनापुर गांव में है। अनूप और सोनी की शादी 16 साल पहले हुई थी। सोनी की मांग में अनूप ने सिंदूर भरा था। दोनों के एक बेटा भी है। सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन एक साल पहले सोनी को लेकर दिल्ली जाना अनूप के लिए मुसीबत का सबब बन गया।
वहां सोनी की नजदीकियां हमउम्र लेकिन अविवाहित सुरजीत से हुईं। इन नजदीकियों का नतीजा अब सामने आया है। 16 साल पहले जिस सोनी की मांग अनूप ने भरी थी अब उसकी हत्या कर उसकी अर्थी का इंतजाम कर दिया।