राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने रन फॉर एजूकेशन मैराथन कार्यक्रम का आयोजन किया। धुसवा मेला स्थल से शुरू हुए आयोजन में छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने “शिक्षा सबका अधिकार है” और “मनमानी फीस बंद हो” जैसे नारों के साथ शिक्षा सुधार का संदेश दिया। मैराथन दौड़ का शुभारंभ राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने संझवल स्थित धुसवा सरोवर से हरी झंडी दिखाकर किया। लगभग तीन किलोमीटर की इस दौड़ में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दौड़ का समापन मानसी इंटरनेशनल स्कूल, जानकीनगर में हुआ, जहां प्रतिभागी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए शिवम पांडेय ने कहा कि प्राइवेट शिक्षण संस्थान मनमाने ढंग से फीस वसूली कर रहे हैं, जिससे गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों को भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे पर नहीं है, जबकि फीस नियंत्रण बिल लाना समय की आवश्यकता है। शिवम पांडेय ने बताया कि इस मैराथन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक यह संदेश पहुँचाया जा रहा है कि फीस बिल लाकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए और निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी छात्रों से संवाद कर इसी प्रकार की मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा।