विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में आयोजित रक्तदान शिविर में सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और समाजसेवी रक्तदान के लिए पहुंचे। रक्तदाताओं के उत्साह ने यह साबित कर दिया कि जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के लिए समाज लगातार आगे आ रहा है। शिविर का निरीक्षण करने पहुंचीं जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानवीय दान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील की। अपर जिला जज दानिश हसनैन ने कहा कि रक्तदान न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी है, बल्कि यह समाज में मानवता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। वहीं, करनैलगंज की उप जिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने रक्तदाताओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि युवाओं को इस तरह के अभियानों से जुड़कर सामाजिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। शिविर में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रक्तदान करने वाली महिलाओं ने कहा कि शुरुआत में थोड़ी झिझक थी, लेकिन रक्तदान के बाद उन्हें गर्व और संतोष की अनुभूति हुई। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी आगे आकर रक्तदान करने की अपील की। शिविर में मौजूद चिकित्सकों ने रक्तदान से जुड़े भ्रांतियों को दूर करते हुए बताया कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है और इससे शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। समय-समय पर रक्तदान करने से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। दिनभर चले शिविर में रक्तदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजन में मेडिकल कॉलेज प्रशासन, ब्लड बैंक की टीम, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया।