शहर के शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के मैदान में शुक्रवार को एक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें सात मिनट तक शहर को अंधेरे में डुबो दिया गया। इस दौरान बम गिरने जैसी आवाजें और भगदड़ जैसी स्थिति का मंचन किया गया, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की परख की जा सके। सायरन बजते ही सुरक्षाकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए और पीए सिस्टम के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन दल और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने तत्काल बचाव कार्यों का अभ्यास किया। आपातकालीन स्थिति में बचाव का अभ्यास यह ब्लैकआउट मॉकड्रिल युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में आम जनता को सुरक्षित रखने और स्वयं बचाव करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। शाम छह बजे से 6:07 बजे तक शहर में कृत्रिम ब्लैकआउट रखा गया। सायरन की आवाज सुनते ही नागरिक सतर्क हुए और अपने घरों की ओर बढ़े। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि मिसाइल या हवाई हमले की स्थिति में आम जनता कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती है।