गोंडा शहर के दुखहरणनाथ मंदिर के सामने रहने वाले सेवानिवृत्त अवर अभियंता एससी मिश्र महाकुंभ का अनुभव साझा करते हुए भावुक हो जाते हैं। बताया कि मौनी अमावस्या पर वह पत्नी ममता मिश्रा के साथ प्रयागराज गए थे। वह संगम घाट पर थे। रात में कुछ पुलिसकर्मियों ने कहा, स्नान का समय हो गया है, आप लोग स्नान करिए। उस वक्त घाट पर काफी भीड़ थी। कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। एक ही रास्ते से लोग आ-जा रहे थे। स्नान करने के बाद कपड़े बदलने तक की जगह नहीं थी। ऐसे में लोग भीगे कपड़े में आगे बढ़ रहे थे फिर अचानक लोग गिरने लगे। इसी दौरान पत्नी बिछड़ गईं। वह बिजली के खंभे के सहारे खड़े रहे। सुबह पत्नी की तलाश में खोया पाया केंद्र से लेकर अस्पताल तक चक्कर काटते रहे। दोपहर में पत्नी के मिलने की जानकारी हुई। इसके बाद घर लौटे।