फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोंडा: श्रीलंका में गूंजा गोंडा के शिक्षक का शोध, चीनी उद्योग के पर्यावरणीय प्रभावों पर दिया व्याख्यान

गोंडा: श्री लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग के सह आचार्य शिशिर त्रिपाठी ने श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल समिट में मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभाग किया। कोलंबो में 22 से 25 अक्तूबर तक आयोजित इस समिट में उन्होंने चीनी उद्योग से जलीय स्रोतों और जीवों पर पड़ने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों पर शोधपरक व्याख्यान दिया। उनके शोध में जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों को प्रमुखता से उठाया गया। सेव वाइब्रेंट अर्थ एनजीओ और होराइजन कैंपस विश्वविद्यालय, कोलंबो के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समिट में भारत समेत श्रीलंका, मिस्र, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात सहित विभिन्न देशों के 400 से अधिक वैज्ञानिकों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा की गई। जलीय पारिस्थितिकी पर रखे विचार शिशिर त्रिपाठी ने अपने व्याख्यान में चीनी उद्योग के पर्यावरणीय प्रभावों और जल स्रोतों में होने वाले बदलावों से जलीय जीवों पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को रेखांकित किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके शोध की प्रस्तुति को प्रतिभागियों ने सराहा। समिट का उद्देश्य पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श और सहयोग को बढ़ावा देना था। आयोजन के दौरान होराइजन कैंपस विश्वविद्यालय की कुलपति संजीवनी लियाणाराची ने विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। सेव वाइब्रेंट अर्थ एनजीओ के निदेशक अर्जुन सुरेश ने प्रतिभागियों के प्रति आभार जताया। आयोजकों के अनुसार, अगला ग्लोबल समिट वर्ष 2027 में मलेशिया में आयोजित किया जाएगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें