गोंडा में सदर तहसील क्षेत्र के हारीपुर समेत 14 गांवों में तीन दिन से विद्युत आपूर्ति ठप होने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। ग्राम प्रधान संदीप कुमार चौबे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण बिजली विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी कर जल्द से जल्द बिजली बहाल करने की मांग की। आरोप है कि कार्यालय पहुंचने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की समस्या सुनने नहीं आया, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद नाराज ग्रामीण अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव के आवास पहुंच गए और वहां घेराव करते हुए नारेबाजी की। बावजूद इसके, देर शाम तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही समस्या का समाधान किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, 10 अप्रैल को पथवलिया गांव के पास 11 केवी लाइन का तार टूटकर गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से रंजीत तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद से अब तक लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई है, जिससे नार्थ फीडर से जुड़े कई गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। ग्राम प्रधान संदीप कुमार चौबे ने बताया कि “10 अप्रैल सुबह 8 बजे से ही बिजली आपूर्ति बंद है। तीन दिन से लगातार आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक लाइन दुरुस्त नहीं की गई। विभाग की इसी लापरवाही के चलते ऐसी घटनाएं हो रही हैं।” ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो गोंडा-लखनऊ हाईवे पर चक्का जाम किया जाएगा।