लंका मैदान में लक्ष्मण शक्ति, संजीवनी बूटी, कुम्भकरण और मेघनाथ वध, सति सुलोचना संवाद, रावण का युद्ध भूमि में आगमन तक के दृश्य भावपूर्ण मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए देर रात तक दर्शक जुटे रहे। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के बैनर तले राम ने कुंभकरण तो लक्ष्मण ने मेघनाथ का वध किया वैसे ही जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा।