गांव में जैसे ही जमींदोज हो चुके मकानों को बनवाने के लिए 1.20 लाख रुपये तथा मरम्मत के लिए 6500 रुपये का मुआवजा देने की बात फैली। ग्रामीणों को गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुंच गया। वह बुरी तरह भड़क गए। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रशासन ने उनकी मजबूरी का मजाक बनाकर रख दिया है। हमारे मकानों की मरम्मत करवाकर प्रशासन दे।