कैबिनेट मंत्री, डीएम-एसएसपी, एसडीएम ने जब पीड़ितों की व्यथा नहीं सुनी, तो उनकी आखों से आंसू छलक उठे। महिलाएं खूब रोयीं। वह फूट-फूटकर रोने लगीं। बुजुर्ग महिलाएं भी अपने हालातों पर रो रही थीं। उन्होंने रोते-रोते मीडिया को अपनी व्यथा सुनाई। संवाद आक्रोशित महिलाओं ने पूर्व प्रधान की एक न सुनीशिकोहाबाद। मुआवजे की रकम सुनकर भड़की हुईं महिलाओं को समझाने और शांत कराने जब पूर्व प्रधान विक्रम कुशवाहा पहुंचे, तो एक बार उन्होंने पीड़ितों को मिलने वाले 6500 रुपये के मुआवजे की बात को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास किया, लेकिन महिला-पुरुष नहीं माने। वह शासनादेश के मुताबिक मिलने वाले मुआवजे की रकम को लेकर भड़के हुए थे। उन्होंने पूर्व प्रधान की एक न सुनी।