फिरोजाबाद के चनौरा स्थित 250 टीपीडी (टन प्रति दिन) क्षमता वाले एमआरएफ प्लांट (खत्ताघर) में कूड़े के ढेर के बीच काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के जीवन रक्षा के नियम कबाड़ हो गए हैं। सफाई कर्मचारी बिना दस्ताने, मास्क और जूते के कचरे के ढेर के बीच नरकीय परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। आलम यह है पैरों में दाद-खुजली, रिंगवर्म और फंगल इंफेक्शन जैसी गंभीर बीमारियां हो रही हैं। मगर, नौकरी जाने के भय ने इन श्रमिकों के मुंह पर मजबूरी का ताला लगा दिया है।