महिला के इलाज से शुरू हुआ विवाद फसल और संपत्ति के बंटवारे तक पहुंच गया। कहासुनी बढ़ने पर पिता ने लाइसेंसी दुनाली बंदूक से पहले बेटे और फिर बहू को गोली मार दी। गोली घटने के बाद करीब 40 मिनट तक दोनों दरवाजे के पास तड़पते रहे। गंभीर रूप से घायल बेटे की कानपुर रीजेंसी अस्पताल में अधिक खून बहने से मौत हो गई। बहू के पेट से डॉक्टर ने ऑपरेशन कर गोली बाहर निकाली। वहीं वारदात के बाद आरोपी पिता घर में बंदूक छोड़कर साइकिल से भाग गया। कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव निवासी रामखेलावन पटेल (75) के दो बेटे अवनीश (35) और राजू हैं। छोटा बेटा राजू कानपुर में नौकरी करता है। अवनीश बिंदकी की एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था और पत्नी मनीषा (28) के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहता था। कुछ दिन पहले रामखेलावन की पत्नी मिथलेश का पैर फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद देखभाल और खर्च को लेकर परिवार में तनाव बढ़ा हुआ था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे रामखेलावन और बड़े बेटे अवनीश के बीच इलाज के खर्च और देखभाल को लेकर कहासुनी हो गई। इसी दौरान मनीषा भी मौके पर पहुंच गई। विवाद के बीच मनीषा ने फसल और संपत्ति के बंटवारे की बात उठाई और कहा कि हिस्सा मिलने पर ही वह लोग देखभाल करेंगे। इस पर रामखेलावन भड़क गया और उसने मनीषा पर हाथ उठाने की कोशिश की। बीच-बचाव में अवनीश ने पिता को धक्का दे दिया। इससे विवाद और बढ़ गया।