उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एटीएस की रिमांड में आए मुजाहिदीन आर्मी के गुर्गों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सरगना मोहम्मद रजा और उसके साथियों ने पूछताछ के दौरान दो प्रमुख हिंदू धर्मगुरुओं के नाम बताए हैं, जिनकी वे लंबे समय से रेकी कर रहे थे। उनका मकसद इन धर्मगुरुओं को नुकसान पहुंचाकर हिंदू समाज में भय का माहौल पैदा करना था।
सूत्रों के मुताबिक, सरगना मोहम्मद रजा इस साजिश को अंजाम देने के लिए करीब 40 लोगों की मदद ले रहा था। एटीएस अब इन 40 संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी कर रही है। आशंका है कि ये सभी उत्तर प्रदेश के कम से कम 10 जिलों में फैले हुए हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले यूपी एटीएस ने मुजाहिदीन आर्मी चलाने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सरगना मोहम्मद रजा फतेहपुर जनपद के राधानगर थाना क्षेत्र के अंदौली गांव का रहने वाला है, जिसे केरल से गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया था। रजा पर हिंदुत्व की विचारधारा रखने वाले धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप है।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि मोहम्मद रजा ‘मशवरा व्हाट्सएप ग्रुप’ नामक एक ऑनलाइन नेटवर्क चलाता था, जिससे करीब 300 सदस्य जुड़े हुए थे। इस ग्रुप के जरिए युवाओं को उकसाने, कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और सनातन बोर्ड के खिलाफ नफरत पैदा करने का काम किया जा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे इस बोर्ड के गठन को अपनी कौम के लिए “खतरा” मानते थे और इसके विरोध में युवाओं को भड़काने का अभियान चला रहे थे।
एटीएस को इन आरोपियों की सात दिन की रिमांड मिली है। पूछताछ के दौरान जब पांचों को आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब किए गए, तो कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आईं। जांच एजेंसी अब गिरोह के अन्य सदस्यों और सहयोगियों की पहचान में जुटी है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, जल्द ही एटीएस की टीमें फतेहपुर और आसपास के जिलों में दबिश दे सकती हैं। इस ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस, सर्विलांस सेल और इंटेलिजेंस विभाग की टीमें भी शामिल होंगी। एजेंसी का मानना है कि मोहम्मद रजा का नेटवर्क केवल यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके संपर्क देश के अन्य राज्यों तक फैले हो सकते हैं।