एटा के जलेसर क्षेत्र के गांव इसौली का बृहस्पितवार को एसडीएम भावना विमल ने निरीक्षण किया। इसमें पंचायत घर पर ग्रामीणों के साथ फार्मर रजिस्ट्री के बारे में जानकारी की। इसौली के साथ ही उन्होंने टिकाथर पहुंचकर ग्रामीणों को फार्मर रजिस्ट्री के प्रति जागरूक किया। एसडीएम ने ग्राम पंचायत इसौली एवं टिकाथर के निरीक्षण में ग्रामीणों के साथ बैठक कर सरकारी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को फार्मर रजिस्ट्री का महत्व समझाते हुए जागरूक किया। खेती की जानकारी देते हुए बताया अब खसरा-खतौनी की जरूरत नहीं रहेगी। सत्यापन के लिए लेखपालों की भागदौड़ भी नहीं रहेगी। फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की खेती का विवरण ऑनलाइन किया जा रहा है। फार्मर आईडी बन जाने से किसानों के खेत का पूरा डाटा कंप्यूटर पर दिखेगा। फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए किसान का नाम, पिता का नाम, पता, खतौनी, आधार कार्ड और लिंक मोबाइल नंबर की जरूरत रहेगी। फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद आईडी नंबर कंप्यूटर पर डालते ही किसान का संपूर्ण विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा।