एटा के ब्लॉक निधौली कलां क्षेत्र में अरिंद नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। नदी का पानी खेतों में भरने से करीब 10 हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई है। इससे खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। सलेमपुर, लहरा, दस्तमपुर, मगरौली, सोरखा और दुल्हा समेत करीब 35 गांवों के खेत पानी में डूबे हैं। धान, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान अपनी आंखों के सामने महीनों की मेहनत बर्बाद होती देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। पिछले पांच वर्षों से बारिश के मौसम में यही स्थिति बन रही है। उनका आरोप है कि अरिंद नदी की समय पर सफाई और गाद निकालने का कार्य नहीं कराया गया, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है। इसके चलते खेत झील में तब्दील हो जाते हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नदी की सफाई और स्थायी समाधान कराया जाता, तो हर वर्ष हजारों बीघा फसल बर्बाद नहीं होती। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने और अरिंद नदी की सफाई कर स्थायी समाधान कराने की मांग की है।