महुआडीह चौराहा पर बृहस्पतिवार को बाबा जयगुरुदेव के अनुयायियों की ओर से एक दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने लोगों से सदमार्ग पर चलने का आह्वान किया। ठंड के बावजूद सत्संग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। संगत प्रेमियों ने बाबा जयगुरुदेव को नमन कर सत्संग शुरू किया। मथुरा से आए राष्ट्रीय वक्ता और बाबा के अनुयायी राजेश ने कहा कि मनुष्य ईश्वर की श्रेष्ठ रचना है। बहुत भाग्य से जीव को मनुष्य योनि में जन्म लेने का अवसर मिलता है। यहां आने के बाद मनुष्य अपने स्वाभाविक धर्म और कर्म को भूल जाता है। मांस, मदिरा, लोभ, लालच, माया के वशीभूत होकर वह सत्य और असत्य में भेद नहीं कर पाता।