भरत मंदिर परिसर मेंं भरत कूप के जल से स्नान व आचमन के लिए 50 हजार से अधिक भक्तों की भीड़ उमड़ी। मेले में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। साथ ही बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। भरत मंदिर के महंत लवकुशदास ने बताया कि जब श्रीराम वनवास काल में चित्रकूट आए थे उनको मनाने के लिए भरतजी अयोध्या से नदियों का जल अपने साथ लाए थे। राम के अयोध्या वापस नहीं जाने पर उनके चरण धोने के बाद जल को इसी कूप में डाल दिया था। इसी मान्यता को लेकर यहां पर हर साल मकर संक्रांति पर्व में पांच दिवसीय मेला लगता है। मेला क्षेत्र में कई जगह पुलिस व्यवस्था तो दिखी पर गंंदगी भी भक्तों का मन भटकाती रही। मंदिर से चित्रकूट मार्ग की सड़क कई स्थान पर टूटी है। स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामबाबू ने कहा कि रात में लाइट व्यवस्था भी कमजोर रही।