आईटीआई कॉलेज, रेवसा में बुधवार को बाल श्रम उन्मूलन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन श्रम विभाग चन्दौली, ब्रिटिश एशियन इंडिया तथा मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के सहयोग से किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने जनपद चन्दौली को बाल श्रम मुक्त बनाए जाने के उद्देश्य से जन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को बाल श्रम न कराए जाने की शपथ दिलाई और कहा कि व्यापार मंडल, ईंट भट्ठा एसोसिएशन एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से ही जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाया जा सकता है। अपर जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों व स्टेक होल्डर्स से अपने-अपने स्तर पर बाल श्रम उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को तथा आकांक्षी जनपदों को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आकांक्षी जनपदों में चन्दौली भी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों से श्रम कराना पूर्णतः प्रतिबंधित है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बाल श्रम और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी विभागीय योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उनके लाभों की जानकारी दी। वहीं ईंट भट्ठा एसोसिएशन के महामंत्री ने आश्वस्त किया कि उनके भट्ठों पर किसी भी स्थिति में बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं किया जाता और भविष्य में भी ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाल श्रम समाज के माथे पर कलंक है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी चन्दौली चन्द्र प्रकाश ने कहा कि श्रम विभाग जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यदि कहीं भी बाल श्रम दिखाई दे तो उसकी सूचना भारत सरकार के पोर्टल pencil.gov.in पर दी जा सकती है, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कार्यशाला में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, पंचायती राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, एएचटीयू के प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति से श्री धर्मेन्द्र, बाल संरक्षण इकाई से किशन वर्मा, वन स्टॉप सेंटर से दीक्षा अग्रहरि, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन से अमरेन्द्र, जुनैद खान, राकेश, मानव संसाधन संस्था से अमीनुद्दीन, राजकुमार, गणेश, मनोज, शहनाज, विनोद रहे।