टांडाकला स्थानीय कस्बा सहित आस-पास के बाजार में छुट्टा पशुओं का आतंक हो गया है। छुट्टा पशु कभी भी किसी को चोटिल कर दे रहे हैं वहीं फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थिति यह है कि भीषण ठंड में फसलों की रक्षा के लिए किसानों को खेत में रखवाली करनी पड़ रही है। शासन स्तर पर छुट्टा पशुओं के लिए प्रत्येक ब्लाक में पशु आश्रय केंद्र बनवाए गए हैं। विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों को छुट्टा पशुओं को पकड़ कर आश्रय केंद्र में रखा जाना है। बावजूद इसके क्षेत्र के हर बाजारों में छुट्टा पशु घूम रहे है। गर्मी के दिनों में तो जैसे तैसे इधर उधर ये बीता लेते थे लेकिन ठंड में बेजुबानों का हाल बेहाल है। वहीं पशु रात में खेतों में पहुंच जा रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्षेत्र के सरौली गांव के दशमी यादव, महेन्द्र यादव,नरसिंह यादव, रमेश यादव, गोविंद यादव आदि किसानों ने बताया कि फसलों की सुरक्षा के लिए रात में खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। किसानों ने छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय केंद्र में रखने की मांग की है।