विकासखंड के धपरी गांव में शनिवार की सायं अलीनगर थाना क्षेत्र के धपरी गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब कोट की जमीन से सटी एक निजी आराजी में भवन निर्माण के लिए नींव की खुदाई के दौरान प्राचीन शिवलिंग मिलने की खबर फैली। शिवलिंग मिलने की पुष्टि होते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सकलैन अपनी आराजी संख्या पर भवन निर्माण कार्य करवा रहे थे। शनिवार शाम मजदूर जब नींव की खुदाई कर रहे थे, तभी जमीन से एक पत्थरनुमा आकृति निकली, जिसे बाहर निकालने पर वह शिवलिंग के रूप में सामने आई। इसे देखते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत सफाई कर बेलपत्र, गंगाजल से पूजा-पाठ शुरू कर दिया। शिवलिंग मिलने की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। लोग श्रद्धा व आस्था से शिवलिंग के दर्शन करने पहुंचे, लेकिन मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण जल्द ही स्थिति संवेदनशील होने लगी। आपसी बातचीत में कहासुनी शुरू हो गई और दोनों पक्षों में हल्की तनातनी भी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि जहां से शिवलिंग मिला है वह जमीन पहले "कोट" के नाम से जानी जाती थी, जिसपर लंबे समय से एक समुदाय का कब्जा रहा है। इसी विवाद के मद्देनजर मौके पर तत्काल अलीनगर थाना की पुलिस और उपजिलाधिकारी ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ग्राम प्रधान संजय सोनकर ने बताया, "गांव में पुराने कोट के समीप शिवलिंग मिलने की जानकारी मिली है, फिलहाल मैं गांव से बाहर हूं। प्रशासन को सूचित किया गया है।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अलीनगर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी ने दोनों पक्षों से वार्ता कर शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और पुरातत्व विभाग को भी सूचित किया जा सकता है। कई ग्रामीणों ने इस स्थान को धार्मिक स्थल घोषित करने और वहां एक मंदिर निर्माण की मांग भी शुरू कर दी है। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर निगाह बनाए हुए है और शांति व्यवस्था को सर्वोपरि रखते हुए आवश्यक कदम उठा रहा है।