बरहनी क्षेत्र के देवकली गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व निर्मित जच्चा–बच्चा केंद्र बदहाल व्यवस्था के कारण आज शो-पीस बनकर रह गया है। एएनएम की तैनाती के बावजूद केंद्र में न तो नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं और न ही प्रसूताओं व बच्चों को सरकारी योजनाओं का अपेक्षित लाभ मिल पा रहा है। गांव के विनोद सिंह बताते हैं कि भवन तो वर्षों पहले तैयार हो गया था, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएँ कभी भी सुचारू रूप से नहीं चल पाईं। उनका आरोप है कि तैनात एएनएम केंद्र में बैठने के बजाय ग्राम सचिवालय का उपयोग करती हैं, जबकि उनके लिए अलग भवन उपलब्ध है। तैनात एएनएम सविता देवी ने स्वीकार किया कि वह पिछले ढाई वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत हैं और अधिकतर कार्य ग्राम सचिवालय से ही संचालित करती हैं। उन्होंने बताया कि जच्चा–बच्चा केंद्र में टूटे फर्नीचर, धूल–गंदगी और आवश्यक व्यवस्था के अभाव के कारण बैठना संभव नहीं हो पाता। ग्राम प्रधान हनुमान बिन्द ने भी केंद्र की बदहाली की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पहले तैनात अस्थाई एएनएम इसी भवन से सेवाएँ देती थीं, लेकिन वर्तमान एएनएम के कार्यभार संभालने के बाद से केंद्र लगभग बंद-सा पड़ा है। फर्नीचर पर वर्षों से धूल जमी है, मुख्य दरवाजा क्षतिग्रस्त है और शरारती तत्वों द्वारा खिड़कियों सहित कई हिस्सों को नुकसान पहुँचाने से भवन उपयोग लायक नहीं बचा। इस संबंध में पीएचसी बरहनी के प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि देवकली के ग्रामीणों को जच्चा–बच्चा केंद्र से दोबारा नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।