नगर स्थित मां काली जी के पोखरे पर बृहस्पतिवा से श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा प्रारंभ होते ही पूरा क्षेत्र भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा। वृंदावन धाम से पधारे प्रसिद्ध कथा व्यास ब्रजरज दास जी महाराज अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण करा रहे हैं। कथा का आयोजन 10 जून तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कथा के शुभारंभ अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा स्थल पर पहुंच रहे श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और धर्म संदेशों का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। कथा व्यास ब्रजरज दास जी महाराज ने कथा के प्रथम दिवस भगवान भक्ति, मानव जीवन के महत्व और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे दौड़ते हुए मानसिक अशांति का शिकार हो रहा है, जबकि भगवान की भक्ति और सत्संग जीवन में शांति और संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा श्रवण के साथ-साथ अपने जीवन में अच्छे संस्कारों और मानवीय मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। कथा स्थल पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की अच्छी खासी उपस्थिति देखने को मिली। श्रद्धालु भजन-कीर्तन और कथा के माध्यम से धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे धार्मिक आयोजन की भव्यता और बढ़ गई है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर आयोजित होगी तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयोजकों ने क्षेत्रीय लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है। श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है तथा श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।