चंदौली के सुरम्य वनांचल राजदरी रिसॉर्ट में आयोजित ‘रिमझिम बरसे बदरिया: कजरी पर केंद्रित’ चार दिवसीय लोकसंगीत कार्यशाला के तीसरे दिन भारत की प्रख्यात लोकगायिका व पद्मश्री सम्मानित मालिनी अवस्थी ने प्रतिभागियों को लोकसंगीत की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यशाला का आयोजन भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया है। कार्यशाला में भाग लेने के लिए दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद, प्रयागराज, बक्सर, छतरपुर, गोंडा, कोलकाता सहित देश के कोने-कोने से 50 से अधिक छात्र-छात्राएं और महिलाएं चंदौली पहुंचीं हैं। तीसरे दिन की कक्षाओं में प्रतिभागियों ने न केवल कजरी गायन की तकनीकी की सीख प्राप्त की, बल्कि गीतों के सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व को भी समझा।