पड़ाव से रामनगर मार्ग तक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मार्ग के निर्माण के बाद करीब छह माह पूर्व स्ट्रीट लाइटिंग के लिए एलईडी लाइटें भी लगाई गई थीं, लेकिन यह लाइटें अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रही हैं। स्थानीय लोगों में दुर्गेश और कटेसर के संदीप के अनुसार फोरलेन पर लगी अधिकांश एलईडी लाइटें दिन में ही जलती-बुझती रहती हैं, जबकि रात के समय भी यही स्थिति बनी रहती है। कई स्थानों पर लाइटें या तो पूरी तरह बंद रहती हैं या फिर बार-बार ऑन-ऑफ होती हैं, जिससे सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं मिल पा रही है। रात के समय रोशनी की कमी के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, वहीं दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। लोगों ने आरोप लगाया कि लाइटें लगाए जाने के बाद अब तक उनकी नियमित जांच और मरम्मत नहीं कराई गई। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि फोरलेन पर लगी एलईडी लाइटों की तकनीकी जांच कराई जाए और खराब लाइटों को जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि मार्ग पर सुरक्षित और सुचारु आवागमन सुनिश्चित हो सके।