शहर के व्यस्ततम क्षेत्र जीटीआर ब्रिज के नीचे दाहिनी ओर स्थित खाली जमीन पर पड़े कूड़े के ढेर में पिछले दो दिनों से आग धधक रही है। लगातार उठ रहे जहरीले धुएं से आसपास के लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अब तक आग बुझाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कूड़े के ढेर में लगी आग धीरे-धीरे सुलग रही है, जिससे दिन-रात धुआं निकल रहा है। इस धुएं में बदबू के साथ जहरीली गैसें भी मिल रही हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। खासकर सुबह और शाम के समय धुआं अधिक फैलने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। जीटीआर ब्रिज से होकर गुजरने वाले लोगों का कहना है कि धुएं के कारण दिक्कत हो रही है। वहीं आसपास के दुकानदारों और निवासियों ने बताया कि दो दिनों से यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन नगर पालिका या अग्निशमन विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, कूड़े में लगी आग से निकलने वाला धुआं कार्बन मोनोऑक्साइड समेत कई हानिकारक गैसें छोड़ता है, जिससे दमा, एलर्जी और अन्य सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर अधिक पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद संबंधित विभागों की अनदेखी समझ से परे है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग नहीं बुझाई गई, तो यह और फैल सकती है और बड़ा खतरा बन सकती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल कूड़े में लगी आग को बुझाने, कचरे के नियमित निस्तारण और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।फिलहाल, दो दिनों से सुलग रही यह आग प्रशासनिक उदासीनता की तस्वीर पेश कर रही है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।