पीडीडीयू नगर। खरीफ सीजन में धान की रोपाई चरम पर है और इसी के साथ चंदौली में डीएपी, यूरिया और एनपीएस की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। शासन किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है। जिले में अब तक 10,136 मीट्रिक टन उर्वरक पहुंच चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों से अलग नजर आ रही है। जिले की 85 साधन सहकारी समितियों और उर्वरक बिक्री केंद्रों का संचालन महज 41 सचिवों के भरोसे है। नतीजा यह है कि एक-एक सचिव तीन से चार समितियों का प्रभार संभाल रहा है और अधिकांश समितियां सप्ताह में चार से पांच दिन बंद रहती हैं। ऐसे में किसान कभी घंटों कतार में खड़े रहते हैं तो कई बार बिना खाद लिए ही वापस लौट जाते हैं।