टांडा कला ग्राम सभा के नाथूपुर गांव के पास स्थित मारूफपुर-मजीदहा लिंक मार्ग की वर्षों पुरानी समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने लगभग 8 लाख रुपये की लागत से 400 मीटर लंबे जर्जर सड़क मार्ग के पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण कर दिया है। सड़क बनने से ग्रामीणों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। नाथूपुर गांव के समीप यह सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में थी। जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए थे और सड़क किनारे घरों का पानी निकासी के अभाव में मार्ग पर ही जमा रहता था। जलजमाव के कारण सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती थी, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या को उठाया और समाचार पत्रों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने मौके का निरीक्षण कर सड़क के पुनर्निर्माण की योजना तैयार की। विभाग ने जलजमाव वाले संवेदनशील हिस्से में 75 मीटर लंबी सीसी (कंक्रीट) सड़क का निर्माण कराया, ताकि पानी के कारण सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त न हो। इसके अलावा शेष 325 मीटर हिस्से पर पीसी (डामरीकरण) का कार्य कराया गया। इससे पूरी सड़क मजबूत और टिकाऊ बन गई है। पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर संजय यादव ने बताया कि जहां डामर सड़क टिक नहीं पा रही थी, वहां सीसी रोड बनाई गई है, जबकि अन्य हिस्सों में पीसी सड़क का निर्माण किया गया है। इससे भविष्य में सड़क के टूटने की संभावना काफी कम हो जाएगी। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब आवागमन सुगम होगा और गड्ढों में जमा गंदे पानी, बदबू तथा मच्छरों की समस्या से भी निजात मिलेगी। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए सरकार और लोक निर्माण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है।