समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से गांव की सुख, शांति और समृद्धि के निमित्त तारगांव (अजगरा) में शीतलु ब्रह्म बाबा के परिषद में आयोजित सात दिवसी भव्य श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। कथा के तीसरे दिन व्यास पीठ से पूज्य व्यास श्री आशुतोष महाराज जी ने भक्त ध्रुव के चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए आयु नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और शुद्ध भाव की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि कैसे नन्हे बालक ध्रुव ने अपनी सौतेली मां के कटु वचनों से विचलित न होकर भगवान की भक्ति चुनी और अपनी कठोर तपस्या से ब्रह्मांड में अटल पद प्राप्त किया। व्यास जी ने समझाया कि "यदि मनुष्य का संकल्प अटूट हो, तो ईश्वर को भी धरा पर आना पड़ता है।"